डा. नवाज़ देवबन्दी - उर्दू के सुविख्यात शायर

१६ जुलाई, १९५६ को जन्मे डा. नवाज़ देवबन्दी के पिता स्व. अब्दुल सुब‍हान ख़ान ने इनका नाम मुहम्मद नवाज़ खान रखा था। एम.ए. उर्दू के बाद पी.एच.डी. की शिक्षा पूर्ण कर के आप मदनी टेक्नीकल इंस्टीट्यूट, देवबन्द में चीफ कंट्रोलर के पद पर कार्यरत हैं।

आप ने दुबई, अबूधाबी,अलएन, शारज़ाह, दोहा, कतर, नेपाल, पाकिस्तान, कनाडा, मैक्सिको, न्यूयार्क, वाशिंगटन, न्यू जर्सी, बोस्टन, हॉस्टन, लॉस एंजिलिस, सैन फ्रांसिस्को, लॉस वेगास, क्लीवलैंड, मॉरीशस, ओमान, सऊदी अरब आदि में आयोजित होने वाले लगभग ४००० मुशायरों व कवि सम्मेलनों में भाग लिया है।

डा. नवाज़ देवबन्दी ने ’पहला आसमान’ (उर्दू काव्य संग्रह), ’पहली बारिश’ (हिन्दी रूपांतरित ग़ज़ल संग्रह) व गद्य में चार पुस्तकें लिखीं। प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह ने अपनी आवाज़ देकर आपकी शायरी को सुरों से सजाया तथा विभिन्न ऑडियो कैसेट्स भी जारी हुए। आपने यू.टी.एन. पर प्रसारित ’बज़्मे सुख़न’ के ५४ एपिसोड भी लिखे।

 


   पहली बारिश डा. नवाज़ देवबन्दी का हिन्दी में रूपान्तरित गज़ल संग्रह है जिसका संपादन श्री पुष्पेन्द्र कुमार ने किया है।  अपनी बात में अपने और अपनी शायरी के बारे में डा. देवबन्दी कुछ यूं लिखते हैं:  "मेरे बुज़ुर्गों और दोस्तों की तहरीरें इस किताब में शामिल हैं लेकिन इन तहरीरों को वकालतनामा न समझा जाये। यह तहरीरें और अपनी शायरी पाठकों की अदालत में पेश कर रहा हूं, जहां हमेशा ईमानदारी और सच्चाई से फैसले होते हैं। 

    स्व. अली सरदार जाफरी ने डा. नवाज़ देवबन्दी के बारे में लिखा है : यह ज़रूरी नहीं कि हर शायर अपने दौर का मीर, ग़ालिब या इक़बाल हो, बस नवाज़ देवबन्दी होना काफी है।..."